Wednesday, June 1, 2011

भेजे का खेल है बॉस !

                               मेरी अब तक की लाइफ में शायद ही कोई फिल्म स्टार मेरा फेवरिट बना हो | कभी किसी स्टार की कोई फिल्म अच्छी लगती है तो कभी किसी की कोई | पर कभी कभी ऐसा होता है की कोई कलाकार अपनी किसी खास बात से हम सब के दिल में खास जगह बना लेता है | उसकी कही कोई एक बात ये एहसास करा देती है की वो न सिर्फ एक अच्छा कलाकार है बल्कि कहीं न कहीं एक अच्छा और नेक इंसान भी है | पिछले दिनों एक ऐसे ही एक बड़े न्यूज़ चैनल पर फेमस स्टार सलमान खान का इन्टरवियू देखा | बड़े ही साफ़ और ज़हीन तरीके से उन्होंने मीडिया के सभी सवालों के जवाब दिए | हालाँकि कुछ व्यतिगत सवालों को लेकर उन्हें उकसाने की पूरी कोशिश की गयी पर उसका भी उन्होंने बहुत ही बेहतरीन तरीके से जवाब दिया | 
        
                                     [इससे पहले मैं अपने असल मुद्दे  पर आऊं एक बात अपने ब्लॉगर परिवार के सभी सदस्यों से करना चाहूंगी ? असल में मीडिया का वास्तविक उद्देश्य और कार्य क्या है ? देश के हित और सेवा मे काम करना , यही तो है न उद्देश्य | पर आपको क्या लगता है की क्या मीडिया आज यही काम कर रही है ? यक़ीनन नहीं !   मीडिया असल में किसी की निजी ज़िन्दगी में तभी प्रवेश कर सकता है या करने का हक़ रखता है जब उस शख्स की निजी ज़िन्दगी से देश को कोई खतरा हो , अन्यथा मीडिया को कोई हक़ नहीं है कि सिर्फ मसालेदार खबर बनाने किसी की निजी ज़िन्दगी से खिलवाड़ करे | ] 

                            अब हम आते हैं अपने असल मुद्दे पर, तो हम बात कर रहे थे सलमान के इन्टरवियू की | अपनी तरफ फेके गए हर सवाल पर उन्होंने बेहतरीन ढंग से शॉट लगाये , और स्टूडियो से जाते वक्त एक बेहतरीन छक्का मार कर गए | जैसा की आप में से ज़्यादातर लोग जानते होंगे की सलमान पेंटिंग का काफी शौक रखते है, ठीक इसी के चलते उन्होंने चैनल के स्टूडियो मे भी एक पेंटिंग बनायीं |

 जैसा की आप देख सकते हैं की सलमान एक लम्बा और बड़ी दाड़ी वाला चेहरा बना रहे हैं | इस तस्वीर को बनाने के बाद उन्होंने इसका एक बेहद ही खूबसूरत और रोचक विश्लेष्ण भी किया | जैसा की आप इस तस्वीर में देख सकते है वो चेहरा साफ़ नज़र आ रहा है, सलमान के अनुसार  इस तस्वीर को आप यदि ध्यान से देखें और इसके माथे यानि [forehead] वाले हिस्से पर कुछ देर के लिए ध्यान न दें सिर्फ भौं के नीचे का हिस्सा ही देखें तो ये एक बेहद अजीब और आश्चर्यचकित कर देने वाला तथ्य सामने ला रहा है | आप सब भी ध्यान से देखें ! 


                                                                     
                                                                             कुछ समझ में आया या नहीं, अब मैं आपको वो बताती हूँ जो सलमान ने स्टूडियो मे बताया था | अगर आप इस तस्वीर को ध्यान से देखेंगे तो नीचे के इस आधे चहरे आप लगभग सभी धर्मों के भगवानों को देख सकते है | अब ज़रा अपनी याददाश्त पर जोर डालिए , हिन्दू धर्म मे ब्रम्हा जी का चेहरा , इस्लाम में मुहम्मद साहब का चेहरा , सिखों मे गुरुनानक देव जी का चेहरा और ईसाईयों में ईसा मसीह का चेहरा और तो और अपने साईं बाबा जिन्हें तो लगभग हर धर्म के लोग मानते हैं | ये सभी चहरे  असल में एक ही तो है | यानि सभी धर्म और मज़हब  कहीं न कहीं एक ही तो हैं |
                                                           सारी गड़बड़ शुरू होती है उस जगह से जिसे हम भेजा, दिमाग या मगज कहते है | ये लो हम तो समझ रहे थे की मज़हब का कनेक्शन दिल से है पर ये तो भेजे का का खेल है बॉस | यानि की सारी फसाद की जड़ तो ये भेजा यानि कि दिमाग है |  

                                                            तो अब क्या करे ? आशा है आप सभी अपने कमेंट्स से इस सवाल का जवाब खुद ही दे देंगे | तो अब बस मैं तो बेसब्री से आपके कमेंट्स कि प्रतीक्षा कर रही हूँ | 
                                                                                                                                   
                                                                                                                                           धन्यवाद |       

3 comments:

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

"सारी फसाद की जड़ तो ये भेजा यानि कि दिमाग है"
सही बात है क्योंकि आज कल कोई दिमाग का इस्तेमाल करना ही नहीं चाहता और जो दिमाग का सही इस्तेमाल करते हैं उन्हें हम बेवक़ूफ़ और मूर्ख कहते हैं.
धर्म या इससे सम्बंधित हमारी विचारधारा जो भी हो सबका अंत सिर्फ एक जगह पर होता है जब हम कहते हैं कि ईश्वर एक है.
जहाँ तक बात मीडिया की है तो मीडिया तो क्या किसी को भी किसी की निजी जिंदगी से कोई मतलब नहीं होना चाहिए.

सादर

Vijai Mathur said...

'मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना,हिन्दी हैं हम वतन है हिंदोस्ता हमारा'.पर अमल करती है आपकी यह पोस्ट.

सुबीर रावत said...

........सारी गड़बड़ शुरू होती है उस जगह से जिसे हम भेजा, दिमाग या मगज कहते है | ये लो हम तो समझ रहे थे की मज़हब का कनेक्शन दिल से है पर ये तो भेजे का का खेल है बॉस | यानि की सारी फसाद की जड़ तो ये भेजा यानि कि दिमाग है |......
aapka lekh hee aapka jawab hai
Krati jee. abhar.

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