Tuesday, March 8, 2011

HAPPY WOMEN'S DAY ??????????????????????

         आज पूरे विश्व में महिला दिवस मनाया जा रहा है | आज के दिन       खास तौर     पर महिलाओं को सम्मान दिया जाता है | इस शब्द का इस्तेमाल इसलिए किया क्यूंकि आज से पहले और आज के बाद महिलाओं का क्या हाल है ये मैं कुछ दिखाकर बताऊंगी | 
 आज पूरे विश्व के लगभग सभी अख़बारों, चैनल्स और संचार के सभी माध्यमों में सब कुछ सकारात्मक ही दिख रहा है | किरण बेदी , कल्पना चावला , इंदिरा गाँधी , मदर टेरेसा और ना जाने  कितनी विख्यात महिलाओं की तस्वीरें आज हर जगह दिखेंगी | पर क्या हकीकत यही है ?
इससे पहले आपके दिमाग में कुछ और आये  पहले कुछ देखिये , कुछ ऐसा जो मैंने खासतौर पर आज के लिए बनाया है |  देखिये --------------

video


          क्या अब भी आप कहेंगे ' Happy Women's Day ' | किस हक से ? कोई हक नहीं है हमें ये कहने का , कम से कम तब तक तो बिल्कुल भी नहीं जब तक ये तस्वीरें बदल नहीं जातीं |
                            एक बार फिर सोचिये और तब फैसला कीजिये !!!!!!!!!




             (नोट)- कृपया ऊपर दिखाए गए वीडियो को पूरी तरह से  डाऊनलोड  करके  ही देखें |
 

5 comments:

सुरेश शर्मा (कार्टूनिस्ट) said...

.~~~ महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनायें .~~~

madansharma said...

बात बिल्कुल सही और प्रस्तुत करने का ढंग भी बेहद प्रभावी, निराली और ओजपूर्ण. साथ ही आपके साहसपूर्ण बेबाकी को सलाम.
समाज में बढ़ते महिलाओं पर अत्याचार को रोकने के लिए महिलाओं को पूरी तरह शिक्षित करना ही होगा, उन्हें जिन्दगी के हर प्रतियोगिता में बढ़ चढ़ के भाग लेना ही होगा,वो दिन लद गए जब ये कहा जाता था की ये काम पुरुष का हैं ये काम महिलाओं का हैं . जिस दिन उन्हें आत्मनिर्भरता का ज्ञान होगा उस दिन से शायद ही हमें महिला दिवस मनाने की जरूरत होगी उन्हें उनका अधिकार याद दिलाने की जरूरत होगी . ऐसे उपयोगी लेख के लिए बहुत सारी शुभ कामनाएं आपको !!

archit pandit said...

bahut accha hai join me
www.architpandit.blogspot.com

ZEAL said...

With female foeticide , dowry deaths and increasing rape cases , it is foolish to celebrate women's day.

Vijai Mathur said...

आपने मेरे 'वेदमें नारी' लेख को देखा ही है और यह भी स्पष्ट है वैसा अब कहीं हो नहीं रहा है ;इसी कारण आज महिलाओं की दशा सुधर नहीं पा रही है.यदि हम पुनः अपने प्राच्य मूल्यों को अपना लें तो कोई कारण नहीं किपुनः वही स्थिति बहल हो सके.यही स्मरण करने हेतु प्रति वर्ष आज के दिन 'महिला दिवस'मनाया जाता है.

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