Tuesday, February 22, 2011

हमें तो अपनो ने लूटा


                               1947 में हमारा देश आजाद हुआ था | बड़े बड़े स्वतंत्रता सेनानियों ने महापुरुषों ने और न जाने कितने लोगों ने अपने प्राणों कि आहुति दी थी तब जाकर आज़ादी का वो सूरज देखने को मिला था | 1857 के पहले आन्दोलन से लेकर 1947 तक फिरंगी हमारे देश का लगभग एक हज़ार करोड़ रूपया खा गए थे | आज जब हम गाहे बगाहे 15 अगस्त या 26 जनवरी को एकाएक देशप्रेमी बन जाते हैं तो उन अग्रेजों को कितना कोसते हैं | हर बार यह कहते हुए कहीं न कहीं पाए जाते हैं कि कि हमारे पूर्वजों  कि बदोलत हम आज आजाद हैं वरना पता नहीं क्या होता  और ये सब कहते हुए हमारा सिर उनके आदर में झुक जाता है |
                     सच ही तो है कितना जतन किया था तब ये आज़ादी मिली थी | पर क्या हम वाकई में अपने पूर्वजों इस धरोहर का मान रख पाए ? क्या वास्तव में हमे इस देश कि जितनी कदर करनी चाहिए थी हमने कि ? इसका जवाब मैं दूं या आप समझ गए हैं ?  सच तो यही है कि हम आज़ादी को सिर्फ एक शोपीस कि तरह देखते हैं जिसे 15 अगस्त और 26 जनवरी जेसे मौकों पर सजा लेते हैं औए दिन गुज़रते ही उसे फिर सहेज कर रख देते हैं ये सोच कर कि अगले त्योहार पर काम आयेगा |
                    एक कड़वा सच कहूं कोई हक़ नहीं है हमे अंग्रेजों को बुरा कहने का, कम से कम तब तक तो बिलकुल भी नहीं जब तक हम अपने देश के अन्दर रहने वाले डाकूओं को खत्म नहीं कर देते |
                    देश में मात्र पिछले  दस सालों में ही इतने घोटाले  हुए है जिनकी रकम सुन कर तो हमे लूटने वाले अंग्रेज़ भी शर्मा जाएँ | इन घोटालों कि लिस्ट बहुत लम्बी है, थोड़े बहुत नाम तो में ही बता सकती हूँ -----------------------------------
  
1992 — Harshad  Mehta Scam was worth Rs 5000 Crores.
1994 — Sugar Import Scam was worth Rs 650 Crores.
1995 — Preferential Allotment Scam was worth Rs 5000 Crores.
1995 — Yugoslav Dinar scam was worth Rs 400 Crores.
1995 — Meghalay Forest Scam was worth Rs 300Crores.
1996 — Fertilisers Import Scam was worth 1300 Crores.
1997 — Sukhram telecom Scam was worth Rs 400 Crores.
1997 — Lavalin Power project Scam was worth Rs 374 Crores.
1997 — Bihar Land Scam was worth 1200 Crores
1997 — C R Bhansali stock scam was worth Rs 1200 Crores.
1998 — Teak Plantation Scam was worth rs 8000 Crores.
2001 — UTI Scam was Rs 4800 Crores.
2001 — Dinesh Dalmia Stock Scam was worth Rs 596 Crores.
2001 — Ketan Parekh security scam was worth Rs 1250 Crores.
2002 — Sanjay Agarwal Home Trade Scam was worth Rs 600 Crores.
2003 — Telgi Stamp paper Scam was worth Rs 172 Crores.
2005 — IPO Demat Scam was worth Rs 146 Crores.
2005 — Bihar food relief Scam was worth 17 crores.
2005 — Scorpene submarine Scam was worth Rs 18,978 crores.
2006 — Punjab’s city centre project scam
2006 — Taj Corridor Scam was worth 175 Crores.
2008 — Pune Billionaire Hasan Ali tax default scam was worth Rs 50,000 crores.
2008 – Satyam Scam was worth Rs 10.000 Crores.
2008 — Army Ration Pilferage Scam was worth Rs 5000 crores.
2008 — 2G Spectrum Scam was worth Rs 60.000 Crores.
2008 — State Bank of Saurashtra Scam was worth Rs 95 crores.
2008 — Illegal money in Swiss Bank is worth Rs 71,00,000 Crores.
2009 — Jharkhand Medical equipment scam was worth Rs 130 Crores.
2009 — Rice export scam was worth Rs 2500 crores.
2009 — Orissa Mine scam was worth Rs 7000 crores.
2009 — Madhu Koda scam was worth Rs 4000 crores.
2010 – IPL fraud involving swine called Lalit Modi option was worth?
2010 — Commonwealth Games loot is worth?

           -  Aadarsh socity scam
 
                हं हं आप तो देख कर ही घबरा गए और करने वाले कर के भी नहीं घबरा रहे हैं | बात तब और भी ज्यादा भयानक लगने लगती है जब पता चलता है कि इन घोटालों का आंकड़ा अंग्रेजों कि इस देश में कि गयी लूट से करोड़ों अरबों गुना ज्यादा है |  और तो और ये लूट करने वाले भी कोई और नहीं बल्कि देश के नौकरशाह, राजनेता, समाजसेवक और कोर्पोरेट लोबिंग से जुड़े लोग हैं | ये वो हस्तियाँ हैं जो शपथ लेती हैं देश कि सेवा की |





            देश में लगातार बढ़ रहे भ्रष्टाचार के चलते आज लगभग 462 अरब डॉलर कि राशि स्विज़ बैंकों में जमा है | वो रूपया जो इस देश का है इस देश के लोगों का है |  अन्तरराष्ट्रीय संस्था ट्रांस्पिरेंसी इंटरनेश्नल के सर्वे के अनुसार देश में 80 फीसदी नौकरशाह भ्रष्ट हैं | इन्ही कि बदौलत इस देश को हर साल लगभग 315 अरब रुपये कि चपत लगती है |
              बहुत कोस लिया अंग्रजों को पहले अपने गिरेबां में झांक कर देखे कि हम कितने साफ़ हैं | बाहर के लूटेरों को छोड़ कर पहेले हम घर के भीतर बैठे चोरों को पकड़ें तो बेहेतर होगा | क्यूंकि 1947 से पहले तो गाँधी और नेहेरू जेसे लोग थे हमे आज़ादी दिलाने के लिए पार 1947 के बाद  न तो कोई गाँधी पैदा हुआ और ना ही नेहेरू |
              लिहाज़ा 2011 में हमे खुद ही आजाद होना पड़ेगा | वरना देश के अन्दर बैठे ये लूटेरे एक बार फिर हमे लूट कर खा जायेंगे | लेकिन तब अपनों के दिए इस घाव से हमारा देश कभी उबर नहीं पायेगा  |
                                     

7 comments:

अख़्तर खान 'अकेला' said...

bahn krti ap to kmaal he aapki lekhni haay allah bs mere pas to bhayi taarif ke liyen alfaaz hi nhin mil rhe hen mubark ho mulaaqaat kaa sisilaa jaari rhega ab to aapka blog pdhna or shj kr rkhnaa mjburi bn gya ahe aek bar fir mubark bad bs afsos he der se thodi aapke blog ki jankari mil paayi kher aek bar fir bdhaayi kotaa kaa koi kaam ho to zrur btaayen . akhtar khan akela kota rajsthan

Anonymous said...

mam aap bahut khoob likhti hai halaki mai aap ke liye bolna ki hasiyat nahi rakhta lakin aap ke blogs se prarna jaroor loonga

अजय कुमार दूबे said...

बहुत अच्छा जी
विचारणीय पोस्ट

डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'/ Dr. Purushottam Meena 'Nirankush' said...

"एक कड़वा सच कहूं कोई हक़ नहीं है हमे अंग्रेजों को बुरा कहने का, कम से कम तब तक तो बिलकुल भी नहीं जब तक हम अपने देश के अन्दर रहने वाले डाकूओं को खत्म नहीं कर देते|"
कृति जी आपकी उक्त बात से पूरी तरह सहमत!

संजय भास्कर said...

विचारणीय पोस्ट

madansharma said...

मेरे विचार से सच्चा लेखन वही है जो सच्चाई और ईमानदारी से बिना किसी दुराग्रह के निर्भीकता से लिखा जाये |
आपकी पोस्ट इस पर बिलकुल खरी उतरती है
विचारणीय पोस्ट लगा. बधाई इस बेहतरीन प्रस्तुति के लिये ।

Vivek tripathi said...

Good, Young Journalist should learn from your research work. I appreciate.

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